(N/A) हाइड्रोजन बंध तब बनता है जब एक हाइड्रोजन परमाणु किसी अत्यधिक विद्युत ऋणात्मक परमाणु $(X)$ जैसे $N, O,$ या $F$ के साथ सहसंयोजक बंध द्वारा जुड़ा होता है।
बनने का कारण: जब हाइड्रोजन एक प्रबल विद्युत ऋणात्मक तत्व '$X$' से जुड़ा होता है,तो साझा इलेक्ट्रॉन युग्म विद्युत ऋणात्मक परमाणु की ओर खिंच जाता है। इसके कारण हाइड्रोजन परमाणु पर आंशिक धनात्मक आवेश $(+\delta)$ और विद्युत ऋणात्मक परमाणु पर आंशिक ऋणात्मक आवेश $(-\delta)$ आ जाता है। यह एक द्विध्रुव बनाता है,और एक अणु के आंशिक धनात्मक हाइड्रोजन और दूसरे अणु के आंशिक ऋणात्मक विद्युत ऋणात्मक परमाणु के बीच के स्थिर वैद्युत आकर्षण बल को हाइड्रोजन बंध कहा जाता है।
निरूपण: हाइड्रोजन बंध को बिंदुदार रेखा $(\ldots)$ द्वारा दर्शाया जाता है,जबकि ठोस रेखा $(-)$ सहसंयोजक बंध को दर्शाती है।
उदाहरण: हाइड्रोजन फ्लोराइड $(HF)$ में,इस अंतःक्रिया को इस प्रकार दर्शाया जाता है: $H^{\delta+} - F^{\delta-} \ldots \ldots H^{\delta+} - F^{\delta-}$